क्या अंतराष्ट्रीय सामाजिक मानक किसी राष्ट्र की सामाजिक स्थिति का सही आंकलन कर पाने में पूर्णतः सक्षम है?
अंतराष्ट्रीय सामाजिक मानक किसी राष्ट्र की सामाजिक स्थिति का सही आंकलन कर पाने में पूर्णतः सक्षम है "किसी पुस्तक का आंकलन उसकी जिल्द देखकर नहीं किया जा सकता" लेकिन सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जाता है कुछ अंतराष्ट्रीय मानकों के आधार पर जो सभी परिस्थितियों, व्यवस्थाओं और समस्याओं की जटिलता और असमानता को समझे बिना सभी देशों को एक ही तराजू में तोल लेते हैं। ये मानक वास्तविक स्थिति से परे किसी देश की कुछ अलग ही छवि पेश कर रहे होते हैं। अधिकांश गणनायें की जाती है उन आंकड़ों के आधार पर जो मुहैया कराई जाती हैं कुछ प्राइवेट कंपनियों के द्वारा जिनकी प्रामाणिकता व्यापक रूप से सही नहीं ठहराई जा सकती क्योंकि इन कम्पनियों की गणना का दायरा सीमित होता है। अगर बात वर्ल्ड हेपीनेस इंडेक्स 2019 की करें तो इसमें आंकड़े उपलब्ध कराते गये अमेरिकी कंपनी ‘गैल-अप वर्ल्ड पूल‘ द्वारा जिन्होंने वास्तव में गणना की प्रति देश दो से तीन हजार लोगों के प्रति व्यक्ति आय, सामाजिक सहयोग, आजादी, उदारता, जीवन प्रत्याशा और भ्रष्टाचार की समाप्ति जैसे मुद्दों के आधार पर और न...